अगर आप अवसाद से परेशान है तो मेरा यह लेख जरूर पढ़े।।।

अवसाद का अर्थ हैं मानसिक दुख और मानसिक शांति यह एक मानसिक बीमारी है। जो कि वर्तमान में गंभीर रूप ले चुकी है। अधिकतर यह अवस्था व्यक्ति की उम्मीद पूरी नहीं होने प्रेम संबंधों की गंभीरता की वजह से होती है। लगभग 1000000 लोग प्रतिवर्ष डिप्रेशन की वजह से आत्महत्या कर लेते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार 20 लोगों में से एक व्यक्ति डिप्रेशन की वजह से अपनी जिंदगी खो देता है।
वैज्ञानिक अनुसंधान से पता है कि सात दिमाग के कुछ केंद्रों को प्रभावित करता है जैसे मूड, विचारधारा, नींद, भूख और   व्यवहार को प्रभावित करता है।


डिप्रेशन के कारण
1 अनुवांशिक: इसमें डिप्रेशन एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाती है ऐसे लोगों में जन्म से ही तनाव के समय उदास होने की प्रवृत्ति होती है।
2 जैव रासायनिक परिवर्तन: हार्मोन, नींद में कमी और नशाखोरी आदि से डिप्रेशन होती है।
3 जीवन के बड़े तनाव और परेशानियों का इकट्ठा होना, बीमारी या अप्रिय स्थितियों में लंबे समय तक रहना आदि से व्यक्ति को ऐसा लगता है कि वहीं का सामना नहीं कर सकता है और वह डिप्रेशन में आ जाता है।


अवसाद के लक्षण
1 मूड संबंधी: गुस्सा आक्रामकता, चिड़चिड़ापन, चिंता, बेचैनी आदि।
2 भावना संबंधी: बर्बाद होने की भावना, उदास, निराशा आदि।
3 व्यवहार संबंधी: किसी काम में मन न लगना।
         पसंदीदा काम से खुशी ना मिलना।
         आसानी से थकान होना।
         ज्यादा शराब पीना और ड्रग्स का अत्यधिक उपयोग।
         खतरनाक कामों की कोशिश करना।
4 संज्ञा संबंधी: ध्यान केंद्रित करने में असमर्थ हो ना, बातचीत के दौरान देर से जवाब देना।
5 नींद मंदी: अनिद्रा, नींद कम आना
6 शरीर संबंधी: थकान, दर्द, सिर दर्द, पाचन समस्या।
लक्षणों के आधार पर डिप्रेशन के प्रकार
1 मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर
2 डाइस थी मियां
3 बाइपोलर डिप्रैशन
4 सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर

डिप्रेशन का उपचार
1 साइकोथेरेपी 2 लाइट थेरेपी 3 वैकल्पिक थेरेपी 4 व्यायाम या एक्सरसाइज

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